What is gout in hindi – गाउट के कारण, लक्षण और उपचार हिंदी में

गाउट एक सामान्य प्रकार की अर्थराइटिस की बीमारी है जो किसी को भी अचानक हो सकती है, यह बीमारी शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने की वजह से होती है । इस बीमारी के कारण शरीर के सभी जोड़ों में दर्द होता है पर गाउट बीमारी का सबसे ज्यादा असर पैर के अंगूठे के जोड़ में देखने को मिलता है ।

गाउट की बीमारी पुरुषों में ज्यादा पाई जाती है महिलाओं के मुकाबले क्योंकि महिलाओं में पाया जाने वाला हार्मोन गाउट बीमारी को होने से रोकता है पर गाउट बीमारी होने की संभावना महिलाओं में मासिक धर्म के बाद बढ़ जाती है ।

ज्यादातर गाउट के मरीज अपने शरीर से अधिक यूरिक एसिड निकालने में असमर्थ रहते हैं जिसकी वजह से यूरिक एसिड क्रिस्टलाइज होकर उनके जोड़ों में जम जाती है ।

गाउट की परेशानी आम तौर पर अचानक रात को होती है और 3-10 दिनों तक बनी रहती है ।

Causes of gout in hindi – गाउट के कारण

गाउट बीमारी किसी भी व्यक्ति को तब होती है जब खून में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक बढ़ जाती है और यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स हमारे शरीर में इकट्ठा होने लगते हैं ।

जब यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स हमारे शरीर में अधिक मात्रा में इकट्ठा होते हैं तब वह जाकर हमारे शरीर के जोड़ों में जम जाते हैं जिसके कारण शरीर के जोड़ों में सूजन और दर्द होने लगता है ।

आमतौर पर यूरिक एसिड हमारे खून में मिल जाता है और किडनी से होते हुए मूत्र के सहारे हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है पर कुछ वजहों से हमारे शरीर में अत्यधिक यूरिक एसिड बनने लगता है या फिर हमारे किडनी से यूरिक एसिड कम मात्रा में फिल्टर होने लगता है । जब हमारे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तब यह है हमारे शरीर के जोड़ों में जमने लगता है जिसकी वजह से सूजन और दर्द हमारे शरीर के जोड़ों में अत्यधिक बढ़ जाता है ।

Gout diet chart in hindi – गाउट बीमारी में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं

शरीर में अधिक यूरिक एसिड बढ़ने की वजह मोटापा, किडनी की बीमारी, डायबिटीज या फिर अनुवांशिक हो सकती है ।

Symptoms of gout in hindi – गाउट के लक्षण और संकेत

गाउट के संकेत और लक्षण है

  • जोड़ों में दर्द
  • जोड़ों में सूजन
  • जोड़ों में लालपन
  • अचानक से शरीर के जोड़ों में दर्द उठना
  • शरीर के जोड़ों में गर्माहट का अनुभव होना

जोड़ों में दर्द – गाउट बीमारी के कारण शरीर के जोड़ों में अत्यधिक दर्द होने लगता है और यह दर्द शुरू के दो दिन सबसे ज्यादा अधिक होता है । इस बीमारी सबसे ज्यादा प्रभाव पैरों के अंगूठे में होता हैै ।

जोड़ों में सूजन और लालपन – प्रभावित जोड़ों में अधिक मात्रा में सूजन और लालपन पाया जाता है इसकी वजह से लोग चलने फिरनेे मेंं असमर्थ रहते है और जोड़ों में गर्माहट का अनुभव होता है ।

गाउट में होने वाला दर्द बहुत ही अत्यधिक होता है जिसकी वजह से व्यक्ति को चलने फिरने में काफी दिक्कत होती है । यहां तक की गाउट से प्रभावित शरीर के जोड़ों पर हल्के हाथ से छूने पर भी काफी दर्द और सूजन का सामना करना पड़ता है ।

गंभीर दर्द कम होने के बाद, कुछ असुविधा कुछ दिनों से कुछ हफ्तों तक रह सकती है।

Risk factor of gout in hindi – गाउट का जोखिम कारक

चलिए आप जानते हैं कौन से लोगों में गाउट बीमारी होने की संभावना कब से ज्यादा होती है ।

मोटापा – मोटापे के कारण आपके शरीर मेंं ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड बनेगा जिसके कारण आपके किडनी पर और भी ज्यादा जोर पड़ेगा यूरिक एसिड को फिल्टर करने के लिए ।

शराब का सेवन – शराब का सेवन आपके लिए बहुत हानिकारक हो सकता है क्योंकि यह यूरिक एसिड की मात्रा हमारे शरीर मेंं बढ़ाता है

कुछ चिकित्सा हालत – कुछ चिकित्सा हालत गाउट बीमारी की संभावना बढ़ा देते हैं जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, दिल की बीमारियां, किडनी की बीमाारियां इत्यादि ।

पारिवारिक इतिहास – अगर आपके परिवार में किसी भी सदस्य को इस बीमारी की समस्या हैै तो फिर यह बीमारी होने की संभावना आपको भी हो सकती है ।

लिंग – गाउट बीमारी पुरुषोंं में ज्यादा पाई जाती हैै महिलाओं केेे मुकाबलेे, इस बीमारी का महिलाओं मे जोखिम मासिक धर्म के बाद अधिक बढ़ जाता है ।

prevensions of gout in hindi – गाउट बीमारी का रोकथाम और निवारण

गाउट बीमारी का रोकथाम या निवारण करने के लिए आप यह सभी चीजें अपना सकते हैं ।

अधिक मात्रा में पानी पिए – रोजाना अच्छी मात्रा में पानी पिए और अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें ।

शराब का सेवन बंद कर दे – अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो इसे आज ही बंद कर दे क्योंकि यह आपके लिए बहुुत ही हानिकारक हो सकता है खासकर बीयर से गाउट बीमारी की संभावना अधिक बढ़ जाती है ।

अत्यधिक मात्रा में मांस मटन खाना बंद कर दे – मांस मटन का सेवन आप कर सकते हैं पर एक लिमिट में अत्यधिक मात्रा में मांस मटन का सेवन आपके लिए खतरनाक हो सकता है ।

संतुलित वजन रखें – अपना एक संतुलित वजन बनाकर रखें जो कि ना अधिक ज्यादा हो और ना कम ।

Diagnosis of gout in hindi- गाउट का मूल्यांकन या निदान

गाउट के निदान में सहायता के लिए टेस्ट शामिल हो सकते हैं ।

संयुक्त द्रव परीक्षण – आपका डॉक्टर आपके प्रभावित जोड़ से तरल पदार्थ खींचने के लिए सुई का उपयोग कर सकता है। एक खुर्दबीन के नीचे तरल पदार्थ की जांच करने पर यूरेट क्रिस्टल दिखाई दे सकते हैं।

रक्त परीक्षण (Blood test) – आपका डॉक्टर आपके रक्त में यूरिक एसिड और क्रिएटिनिन के स्तर को मापने के लिए रक्त परीक्षण की सिफारिश कर सकता है। रक्त परीक्षण के परिणाम भ्रामक हो सकते हैं, हालांकि। कुछ लोगों में यूरिक एसिड का स्तर अधिक होता है, लेकिन कभी भी गाउट का अनुभव नहीं होता है। और कुछ लोगों में गाउट के लक्षण होते हैं, लेकिन उनके रक्त में यूरिक एसिड का असामान्य स्तर नहीं होता है।

एक्स-रे (X-Ray) – एक्स-रे संयुक्त सूजन के अन्य कारणों को बाहर करने में मददगार हो सकते हैं।

Treatment of gout in hindi – गाउट का इलाज

गाउट के लिए उपचार में आमतौर पर दवाएं शामिल होती हैं। आपके चिकित्सक द्वारा चुनी गई दवाएं आपके वर्तमान स्वास्थ्य और आपकी अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर होंगी।

जब गाउट शुरुआती होता है, तो इसका इलाज आहार और जीवन शैली में बदलाव के साथ किया जा सकता है।

गाउट दवाओं का उपयोग तीव्र हमलों के इलाज और भविष्य के हमलों को रोकने के लिए किया जा सकता है। दवाएं गाउट के जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकती हैं ।

गाउट के इलाज में आमतौर पर दो प्रकार की दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है । पहला वह दवाई जो यूरिक एसिड की मात्रा को हमारे शरीर में कम करता है और दूसरा वह दवाई जो गाउट से होने वाले दर्द और सूजन को कम करता है ।

Home Remedies for Gout in Hindi – गाउट के घरेलू उपचार

तीव्र गाउट के इलाज के लिए दवाएं अक्सर सबसे प्रभावी तरीका होती हैं और गाउट के हमलों को रोक सकती हैं। हालाँकि, कुछ जीवनशैली में बदलाव करना भी महत्वपूर्ण है, जैसे कि –

  • ज्यादा पानी पिए
  • शराब का सेवन बंद करें
  • ज्यादा चीनी का सेवन बंद करें
  • अधिक मांस मटन का सेवन कम करें
  • सी फूड और रेड मीट खाना बंद करें
  • वजन कम करें
  • रोजाना एक्सरसाइज करें

Foods to avoid in gout – गाउट में क्या नहीं खाएं

यूरिक एसिड तब बनता है जब हम खाने में एक प्रकार का प्रोटीन, जिसे प्यूरीन कहा जाता है, टूटते हैं। इसलिए, उच्च-प्यूरीन (प्यूरिन युक्त) खाद्य पदार्थों से परहेज करके गाउट से बचा जा सकता है। हालांकि, कम प्यूरीन युक्त भोजन बेहद मुश्किल है, क्योंकि प्यूरीन कई स्वस्थ खाद्य पदार्थों का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Gout diet chart in hindi – गाउट बीमारी में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं

  • कम कैलोरी वाला खाना खाएं, जिससे आपका वजन कम होगा और और शरीर में यूरिक एसिड कम बनेगा जिसके कारण गाउट की समस्या से राहत मिलेगी ।
  • समुद्री भोजन और लाल मांस खाना कम करें ।
  • कम वसा वाले डेयरी उत्पादों के सेवन से गाउट का खतरा कम होता है।
  • बीयर पीना बंद करें ।
  • चीनी या उच्च फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप से गाउट का खतरा बढ़ जाता है।

Is is possible to prevent gout ? – क्या गाउट को रोकना संभव है?

गाउट के लिए कुछ जोखिम कारक आनुवांशिक हैं, और वे रोकथाम योग्य नहीं हैं। हालांकि, गाउट के कई जोखिम कारक, जैसे मोटापा और आहार, नियंत्रणीय हैं। स्वस्थ वजन और परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट में कम आहार और संतृप्त वसा और लाल मांस में कमी गाउट को रोक सकता है।

Which foods contain high purine in hindi – कौन से खाने में अधिक प्यूरीन पाई जाती हैं

कुछ मछली, समुद्री भोजन और शेलफिश, जैसे कि एंकोवी, सार्डिन, मैकेरल, स्कैलप्स, हेरिंग, मसल्स, कोडफिश, ट्राउट और हैडॉक शामिल हैं। कुछ मीट जैसे बेकन, टर्की, वील, वेनीसन, लिवर, बीफ किडनी, ब्रेन और मादक पेय ।

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